1.जब तक जीना, तब तक सीखना,क्योंकि अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है
2.उठो,जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक की तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते.

3.जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी/
4.पवित्रता, धैर्य और उधम–ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूं/
5.पढ़ने के लिए ज़रूरी है एकाग्रता और एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान. ध्यान से ही हम खुद पर संयम रख कर एकाग्रता प्राप्त कर सकते हैं।
6.जब तक तुम खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक तुम भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।
स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणादायी बातें

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