कंप्यूटर का अविष्कार कब और कैसे हुआ?।भारत में कंप्यूटर कब लगाया गया?
कंप्यूटर आज मनुष्य के जीवन का एक हिस्सा बन गया है। जो हमें हर तरह से मदद करता है। यह मनोरंजन, शिक्षा, मेडिकल साइंस, वैज्ञानिक रिसर्च, व्यवसाय और संचार इत्यादि के क्षेत्रों में योगदान करता है। इस कारण इसका उपयोग और भी बढ़ रहा हैं। इसमें आप कंप्यूटर के आविष्कार के पूरी कहानी के बारे में जानोगे।
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| Abacus |
1. एबैक्स(Abacus):– यह एक यंत्र है जिसका उपयोग अंक कि गणना के लिए किया जाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक यंत्र नहीं है,यह केवल तारों में पिरोया मोतियां होती हैं, जिसका उपयोग गिनती के लिए किया जाता था।
2. पास्कल कैलकुलेटर (pascal calculator):–यह प्रथम गणना करने वाली मशीन थी, जिसका निर्माण ब्लेज पास्कल ने किया था। यह केलकुलेटर केवल जोड़ घटाव कर सकता था इसीलिए इस मशीन को एडिंग मशीन भी कहा गया/

Analytical Engine
3. एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine):– सर्वप्रथम अंग्रेज अविष्कारक चार्ल्स वैबैज ने डिफरेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन बनाया।
चार्ल्स वैबैज के कॉन्सेप्ट का उपयोग कर पहला कंप्यूटर प्रोटोटाइप को बनाया गया इसीलिए चार्ल्स वैबैज को कंप्यूटर का जन्मदाता कहा जाता है।
4 प्रोग्राम और बाइनरी प्रणाली( program and binary system):– सर्वप्रथम अगॉस्टा ने ही Demonstration program लिखा और बाइनरी प्रणाली का निर्माण किया इसीलिए अगॉस्टा को प्रथम प्रोग्रामर तथा बाइनरी प्रणाली का अविष्कारक कहा जाता है।
इसके बाद John Vincent Atanasoff और Clifford Berry ने ABC(Atanasoff– Berry computer) का अविष्कार किया गया जिसका इस्तेमाल बहुत सारी गणना करने के लिए किया जाता था।
1938ई0 में सर्वप्रथम प्रोग्राम युक्त कंप्यूटर Z1 बनाया जिसे Konrad Zuse के द्वारा Design किया गया था।
5.इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर (Electronic Computer):– दुनिया का सबसे पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर ENIAC (Electronic Numerical Integrater and Computer) 1945ई० J.Presper Eckert और John Mauchly के द्वारा अविष्कार किया गया।
William Shockley, John Bardeen और Walter Houser Brattain के द्वारा 23 दिसंबर1947 को Transistor का अविष्कार किया गया। इसके बाद कंप्यूटर के आकार को छोटा करना संभव हो सका।Kenbak–I कंप्यूटर को दुनिया का पहला पर्सनल कंप्यूटर माना जाता है।
इसके बाद ही कंप्यूटर उद्योग में क्रांति आ गई और यह दुनिया को बदल दिया जब पहला पर्सनल कंप्यूटर बाजार में आया तो इसकी कीमत $795 थी। अब कंप्यूटर का उत्पाद बहुत बढ़ गई है।
भारत में पहला कंप्यूटर कब लगाया गया?:–
भारत सबसे पहले भारत में सन् 1952 में Dr. Dwijish Dutta द्वारा भारतीय विज्ञान संस्थान (कोलकाता) में लाया गया था। इसे एनालॉग कम्प्यूटर (Analog Computer) कहा जाता था। इसके बाद इसी तरह का दूसरा कंप्यूटर भारतीय विज्ञान संस्थान (बेंगलूर) में लगाया गया। इसका काम अवलोकन और विश्लेषण करना था। इसके बाद भारतीय विज्ञान संस्थान कोलकाता (Indian Science institute–ISI) में 1956ई० को HEC–2M डिजिटल कम्प्यूटर लगाया था। इसके साथ ही भारत जापान के बाद एशिया का दूसरा देश बन गया जो कंप्यूटर का उपयोग कर रहा था। HEC-2M का निर्माण इंग्लैंड में एंड्रयू डोनाल्ड बूथ प्रोफेसर द्वारा किया गया था। इसका उपयोग प्रायोगिक, सुरक्षा, विश्लेषण के लिए किया जाता था
फिर “URAl” नामक कंप्यूटर 1958ई० में भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता (Indian statistical institute) को दिया गया। यह कंप्यूटर HEC–2M से बड़ी थी। इसे रूस से खरीदा गया था।
और इन दोनों कम्प्यूटर का उपयोग सन् 1964 ई० में बंद कर दिया गया। क्योंकि इसकी जगह IBM ने जो सन् 1959 में बनाया था, अपना पहला कंप्यूटर IBM 1401 भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता में लगाया जो आईबीएम 1400 सीरीज का पहला कंप्यूटर था।
भारत में कंप्यूटर कब बना?
पहले भारत को दूसरे देशों से कंप्यूटर लेना पड़ता था, अभी तक भारत एक भी कंप्यूटर नहीं बनाया था लेकिन सन् 1966ई० में भारत की दो संस्थाओं भारतीय सांख्यिकी संस्थान तथा जादवपुर यूनिवर्सिटी द्वारा मिलकर भारत का पहला कंप्यूटर बनाया था जिसका नाम ISIJU रखा गया। ISIJU में ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया था, जबकि HEC–2M तथा URAL में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था, इसके बाद भारतीय में कंप्यूटर का निर्माण करना प्रारंभ। हो गया। ISIJU(Indian Statistical institute Jadavpur University) कंप्यूटर का नाम उन्हीं दो संस्थाओं के नाम पर रखा गया।
भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कब बना?
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भारत का पहला सुपर कंप्यूटर Centre for Development of Advanced Computing(C–DAC) के द्वारा सन् 1991ई० में जिसमें
Architect Vijay P. Bhatkar का बहुत बड़ा योगदान था। जिस सुपर कंप्यूटर का नाम ‘PARAM8000’ था। PARAM का पूरा नाम “Parallel Machine” था।
PARAM8000 के बनाने के बाद दूसरा सुपर कंप्यूटर सन् 1998ई० में PARAM10000 को बनाया था। परम 8000 की 1 Gigaflop (Billion floating point operations per Second) rating थी।
सुपर कंप्यूटर में लगाई जाने वाली chips और दूसरे यंत्र ओपन डॉमेस्टिक मार्केट से खरीदा गया। इस सुपर कंप्यूटर में Long range weather forecasting, Remote Sensing,Design,Drug और Molecular Modeling जैसी कुछ Major application भी थे।
सुपर कंप्यूटर आने से शोध करने, रक्षा ,मौसम विज्ञान और तकनीक विकाश में बहुत योगदान रहा।






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